अबकी बार मोदी सरकार का संदेश देते पोस्टर, होर्डिंग आपको रोड़, बस, मेट्रो में आसानी से देखने को मिल जाएंगे। जी हां, ये पोस्टर है भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के, पर अब शायद भाजपा को मोदी के नाम से पहचाना जाने लगा है तभी तो अबकी बार भाजपा की जगह मोदी सरकार का गुणगान हो रहा है। इसका कारण मोदी का भाजपा से ज्यादा मशहूर होना हो सकता है।
नरेंद्र मोदी पिछले 10 साल गुजरात के मुख्यमंत्री रहें हैं और उन्होंने गुजरात में विकास के दम पर 2013 में एक बार फिर मुख्यमंत्री का पद हासिल किया। शायद यही कारण है कि मोदी से बेहतर प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार भाजपा को और कोई नहीं लगा। मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाने में ही भाजपा में असहमति दिखने लगी इसके बावजूद भी मोदी को ही भाजपा ने अपना प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया।
मोदी ने गुजरात के विकास को गुजरात मॉडल का नाम दिया, जिसका प्रयोग अक्सर आम लोग अपनी बहसों में करते दिख जाते हैं। वह कभी गुजरात गये भी न हो पर विकास का जिक्र होते ही वह ये कहने से नहीं चुकते कि देखिए गुजरात में कितना विकास हुआ है।

भाजपा 2014 के लोकसभा चुनाव में आर या पार वाली भूमिका मे दिख रहीं है तभी तो डीटीसी बस स्टॉपों पर,मेट्रोकेभीतर और न जाने कहां-कहां आबकी बार मोदी सरकार का संदेश दे रहा पोस्ट्र दिख जाते हैै। वहीं अखबार, टेलीविजन, रेडियो और इंटरनेट पर मोदी के प्रचारों की मात्रा और किसी पार्टी के मुकाबले काफी अधिक हैं।
दूसरी तरफ सोशलसाइटों पर मोदी समर्थक मोदी के प्रचार मे लगे हैं,इसका फायदा भाजपा को यह तो हुआ है कि मोदी चार्चा का विषय बन गये है और अधिकतर लोग मोदी को जानने लगे है यह कहना गलत नही होगा कि दूसरे नेताओं की एवजमें मोदी की गुंज ज्यादा ऊँची है।जिस तरह से उत्पादित वस्तुओं का प्रचार उन्हें बेचने के लिए किया जाता है ठीक उसी तरह ये राजनीतिक पार्टियांअपना व अपने नेताओं का करते नहीं थकती।
