केजरीवाल का इस्तीफा एक सोची समझी रणनीति का परिणाम है केजरीवाल को आभास हो गया था कि अगर उन्हें लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करके दिखाना है तो अपनी धूमिल होती छवि को और धूमिल होने से बचाना होगा। केजरीवाल को लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए समय की भी अवश्यकता थी। इसलिए उन्होंने जनलोकपाल बिल को दिल्ली विधानसभा मे पास कराने के एवज में अपना इस्तीफा देने की घोषणा कर दी और इस जनलोकपाल बिल को पास कराने के लिए कांग्रेस तथा भाजपा से सहयोग कि मांग भी कर दी आखिर ये पार्टियां अपने पैर पर भला कुल्हाड़ी कैसे मार सकती थी इसलिए केजरीवाल का इस्तीफा देना तो तय था। अब तो यह देखना होगा कि अरविंद केजरीवाल का यह फैसला उन्हें लोकसभा मे कितनी सीटे दिला पाएगा।
Tuesday, 18 February 2014
केजरीवाल का इस्तीफा
केजरीवाल का इस्तीफा एक सोची समझी रणनीति का परिणाम है केजरीवाल को आभास हो गया था कि अगर उन्हें लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करके दिखाना है तो अपनी धूमिल होती छवि को और धूमिल होने से बचाना होगा। केजरीवाल को लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए समय की भी अवश्यकता थी। इसलिए उन्होंने जनलोकपाल बिल को दिल्ली विधानसभा मे पास कराने के एवज में अपना इस्तीफा देने की घोषणा कर दी और इस जनलोकपाल बिल को पास कराने के लिए कांग्रेस तथा भाजपा से सहयोग कि मांग भी कर दी आखिर ये पार्टियां अपने पैर पर भला कुल्हाड़ी कैसे मार सकती थी इसलिए केजरीवाल का इस्तीफा देना तो तय था। अब तो यह देखना होगा कि अरविंद केजरीवाल का यह फैसला उन्हें लोकसभा मे कितनी सीटे दिला पाएगा।
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